केंद्र सरकार ने देश के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग योजनाओं को मंजूरी दी है। इस फैसले से मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों के लगभग 83 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति द्वारा ‘पीएम गति शक्ति’ योजना के तहत इस परियोजना को स्वीकृति दी गई है। लगभग 23,437 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना, यात्री और माल परिवहन को अधिक सुगम बनाना तथा देश के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देना है।
मध्य प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ
नागदा-मथुरा रेल परियोजना से मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी। उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर मंदिर, कूनो राष्ट्रीय उद्यान और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत होने से पर्यटन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा।
छह राज्यों के 19 जिलों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में रेल संपर्क का विस्तार होगा। व्यस्त रेल मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैक बिछने से ट्रेनों की गति बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी और माल परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अनुमान है कि हर साल लगभग 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।
पर्यटन और उद्योग दोनों को बढ़ावा
रेल संपर्क बेहतर होने से कई प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों तक यात्रियों की पहुंच आसान होगी। साथ ही कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, लोहा-इस्पात, उर्वरक और कंटेनर जैसे औद्योगिक सामानों के परिवहन को भी मजबूती मिलेगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
यह परियोजना न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाएगी। बेहतर रेल नेटवर्क से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और राज्यों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, यह फैसला मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के लिए परिवहन, पर्यटन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

