मुम्बई। महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में एक बार फिर से सियासी बवंडर आ गया है। महाराष्ट्र की सियासत के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार की पार्टी एनसीपी में बड़ी टूट हुई है। करीब 30 विधायकों को साथ लेकर अजित पवार शिंदे सरकार में शामिल हो गए हैं। अजित पवार ने महाराष्ट्र् विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राजभवन में हुए शपथ ग्रहण में अजित पवार और उनके समर्थक विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही शिंदे सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार भी हो गया।
राजभवन में मौजूद महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा, ‘अजित पवार और अन्य एनसीपी विधायक यहां आए हैं उनके शपथ ग्रहण से पीएम मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र प्रगति करेगा।’
अजित पवार (Ajit Pawat) 25 से अधिक विधायकों का समर्थन लेकर राजभवन पहुंचे । उन्होंने शिंदे सरकार के प्रति समर्थन जताने वाला पत्र राज्यपाल को सौंपा।
अजित पवार के साथ छगन भुजबल भी शामिल थे। बाद में राज्यपाल ने अजित पवार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई।
ज्यादातर विधायको ने छोड़ा पवार का साथ
शरद पवार की पार्टी में बड़ी टूट होती दिख रही है। कहा जा रहा है कि एनसीपी के 53 में से 29 विधायक अजित पवार के साथ हैं।
लंबे समय से नाराज चल रहे है अजित
अजित पवार लंबे समय से शरद पवार से नाराज चल रहे थे। हाल ही में शरद पवार ने संगठन में अपनी बेटी सुप्रिया सुले को बड़ी जिम्मेदारी दी तो भी अजित पवार नाखुश नजर आए। उनकी बगावत को इसी सिलसिले में देखा जा रहा है।
अजित और छगन ने ली शपथ
इस नाटकीय घटनक्रम के बाद राज्यपाल ने अजित पवार को डिप्टी सीएम और छगन भुजवल को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। इनके अलावा पूर्व गृह मंत्री दिलीप वालसे ,हसन मुश्रीफ़, संजय बनसोडे,अदिति तटकरे, रामाराव और धनंजय मुंडे को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

