ग्वालियर. जिले की भितरवार कृषि उपज मंडी में 29 अप्रैल को नायब तहसीलदार और किसान के बीच हुई विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है,आज भारतीय किसान यूनियन टिकेत के पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के किसानों ने डबरा के एक निजी मैरिज गार्डन में बैठक ली।बैठक में मौजूद किसानों ने विवाद को लेकर अपनी_अपनी बात रखी,बता दें प्रशासन द्वारा किसानो पर एफआईआर दर्ज करजेल भेज दिया है। वहीं बैठक में सबसे पहले जेल गए किसानों को जेल से बाहर कैसे निकालने इस पर जोर दिया गया और किस तरह प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करे और किसान को न्याय मिल सके इसकी रूपरेखा और तैयारियों को लेकर विचार विमर्श किया गया।
बता दें भितरवार कृषि उपज मंडी में 29अप्रैल को गेहूं खरीदी के दौरान 03 से 05 किसानों और नायब तहसीलदार हरनाम सिंह के बीच हुआ था विवाद,विवाद के बाद नायब तहसीलदार हरनाम सिंह ने किसानों पर शासकीय कार्य में डालने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी,फिलहाल किसान संगठन टिकेत एवं अंचल के किसानों के बीच आज अहम बैठक हुई जिसमें किसानों ने दो टूक कहा कि हमारी बात को बिना सुने ही प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई है,जो कि गलत है।वहीं किसान गजेंद्र सिंह ने बताया की कृषि उपज मंडी में नायाब तहसीलदार ने एक किसान की गलेवान पकड़ी थी जो कि ठीक नहीं है,इसी कारण से दोनों के बीच झूमा झुपटी हुई थी उस समय में वहीं मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शी बंटी रावत की माने तो नायाब तहसीलदार ने किसानो के साथ गली गलौज की थी इसी कारण से झगड़ा हुआ,भारतीय किसान यूनियन टिकेत किसान संगठन के जिला अध्यक्ष भगवान सिंह गुर्जर ने बताया कि प्रशासन ने एक तरफा कार्यवाही की है जिन किसानों पर एफआईआर दर्ज हुई है उन्हें बोलने तक का मौका नहीं दिया गया हम आज रणनीति तैयार कर रहे हैं और जिला प्रशासन को ज्ञापन भी देंगे फिर भी ने अगर किसानों पर हुई एफआईआर वापस नहीं ली तो किसान संगठन एक बड़ा आंदोलन कर किसानों को न्याय दिलाने का कार्य करेगा,इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन किसान संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर ज्ञापन पत्र दे कर अपना विरोध जताया।

