चीन के हुनान प्रांत में स्थित एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और प्रशासन को फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
यह हादसा लियूयांग शहर स्थित हुआशेंग पटाखा फैक्ट्री में हुआ, जहां विस्फोट के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 1,500 से अधिक बचावकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। राहत कार्य में खोजी कुत्तों, ड्रोन और रोबोट की मदद भी ली गई। मलबे में फंसे सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बारूद से भरे गोदाम बने अतिरिक्त खतरा
फैक्ट्री परिसर में मौजूद बारूद से भरे दो बड़े गोदामों ने बचाव अभियान को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया। अधिकारियों के अनुसार, इन गोदामों में मौजूद विस्फोटक सामग्री के कारण सेकेंडरी ब्लास्ट का खतरा बना हुआ था, जिससे राहत कार्य काफी सावधानी के साथ किया गया। आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखने और अतिरिक्त दुर्घटनाओं से बचने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय अपनाए गए।
आसपास के इलाकों में भी नुकसान
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की रिहायशी इमारतों की खिड़कियां तक टूट गईं। घायलों में कई लोग उड़ते मलबे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल व्यक्तियों की उम्र 20 से 60 वर्ष के बीच बताई गई है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए सख्त निर्देश
घटना के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश, घायलों के उपचार और बचाव कार्य में हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हादसे की विस्तृत जांच कराने और सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और विस्फोटक सामग्री से जुड़े कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

